तपोभूमि प्रणेता मुनिश्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के साकार हुए एक और स्वप्न श्री मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन समवसरण तीर्थ भरूच गुजरात का प्रथम स्थापना दिवस है। आज ही के दिन एतिहासिक पंचकल्याणक संपन्न कर अदभुत समवसरण में चारों तरफ भगवान मुनिसुव्रतनाथ की मनोहारी प्रतिमाओ को विराजमान किया गया था। इस तीर्थ के निर्माण में सहयोगी रहे तमाम पुन्यार्जको को गुरुवर का शुभाशीर्वाद एवं हार्दिक शुभकामनाये