मुनि श्री प्रज्ञासागर जी महाराज
0

गुरुदेव की कलम से

वातस्लीय रत्नाकर तपोभूमि प्रणेता गुरुदेव श्री 108 प्रज्ञासागर जी महाराज गुरुदेव के नववर्ष पर आशीष वचन... नए साल में हर हाल में तुम खुश रहो तुम खुश रहो संसार में परिवार में तुम खुश रहो तुम खुश रहो.. गुरुदेव की और से सभी गुरुभक्तों को मंगलमय आशीर्वाद आपका नया साल खुशियो सौगात लेकर आये और [...]

वातस्लीय रत्नाकर तपोभूमि प्रणेता गुरुदेव श्री 108 प्रज्ञासागर जी महाराज

गुरुदेव के नववर्ष पर आशीष वचन…
नए साल में हर हाल में तुम खुश रहो तुम खुश रहो
संसार में परिवार में तुम खुश रहो तुम खुश रहो..
गुरुदेव की और से सभी गुरुभक्तों को मंगलमय आशीर्वाद आपका नया साल खुशियो सौगात लेकर आये और नई उमंगो से आपका जीवन खिल जाये …
ॐ नमः
सबसे क्षमा
सबको क्षमा
जय गुरुदेव
जय महावीर

पिता और पुत्र के पवित्र रिश्ते को छूती गुरुदेव मुनिश्री प्रज्ञासागरजी महाराज की अदभुत रचना…

“पा”

1512033_669497459795717_5986336827765919034_o

” पा “

“अगर आप जानना चाहते है पिता क्या है…पापा के उपकारो को भुलाया नही जा सकता …एक बार ज़रूर पढ़े…अपने बच्चो को भी पढ़ाए…तपोभूमि प्रणेता की अनमोल कृति…पा…

फादर्स दे के अवसर पर…तपोभूमि प्रणेता की अद्भुत किताब ”पा” का विमोचन करते हुए…पूज्यपाद गुरुदेव आचार्यश्री पुष्पदंत सागरजी महाराज …

10397160_669495343129262_9120966714901729051_o (1)

प्रज्ञासागर जी महाराज

There are 0 comments

Leave a comment

Want to express your opinion?
Leave a reply!